तीर्थक्षेत्र की जानकारी Tirthkshetra Information
यह तीर्थक्षेत्र क्यों प्रसिद्ध है? Why This Tirthkshetra Is Famous
जैन मान्यता के अनुसार, भगवान मुनिसुव्रतनाथजी का जन्म राजगीरजी में हुआ था। उनके गर्भ, जन्म, तप एवं ज्ञान कल्याणक से यह पावन भूमि जुड़ी हुई है। इसी पवित्र क्षेत्र में भगवान महावीर स्वामी ने अपना प्रथम देशना (पवित्र आध्यात्मिक प्रवचन) भी दिया था।
राजगीर के विपुलाचल, रत्नगिरि, उदयगिरि, अरुणगिरि एवं अन्य पर्वतीय क्षेत्रों को अनेक मुनिराजों की साधना एवं मोक्षस्थली के रूप में विशेष मान्यता प्राप्त है। इन पर्वतों की धार्मिक महत्ता के कारण राजगीरजी जैन श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत पवित्र तीर्थ माना जाता है।अतिरिक्त जानकारी Additional Information
राजगीरजी केवल जैन धर्म के लिए ही नहीं, बल्कि विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के संगम के रूप में भी प्रसिद्ध है। यहाँ जैन, हिंदू, बौद्ध, मुस्लिम, सिख और ईसाई परंपराओं से जुड़े धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल देखने को मिलते हैं। इसके अतिरिक्त, यहाँ के प्राकृतिक गर्म जल के झरने पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण हैं। धार्मिक विरासत, प्राचीन इतिहास, पर्वतीय सौंदर्य और प्राकृतिक विशेषताओं के कारण राजगीर आज एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में भी प्रसिद्ध है।